युवा लड़के लड़कियां शादी से ज्यादा सुहागरात के लिए रोमांचित रहते हैं लेकिन ऑस्ट्रेलिया के
शोधकर्ताओं ने सर्वे में खुलासा किया है कि सुहाग रात पहले की तरह रोमांटिक नहीं रहा। लोग इस दिन सेक्स करने से बेहतर एक दूसरे का विश्वास हासिल करना चाहते हैं। इसके लिए वे एक दूसरे से खुलकर बातें करते हैं ताकि दोनों एक दूसरे को समझ सकें।
ब्राइड मैगजीन ने 1000 न्यूली वेड कपल पर सर्वे करने के बाद खुलासा किया है कि चार में से एक कपल को सुहाग रात के दिन संबंध बनाने में असफल रहते हैं। जबकि 90 प्रतिशत लोगों को शादी के पहले उम्मीद होती है कि सुहागरात के दिन अंतरंग संबंधों का आनंद ले सकेंगे। लेकिन 25 प्रतिशत लोगों को अपने इस चाहत से समझौता करना पड़ता है।
मनोवैज्ञानिकों का कहना है कि लोगों की सोच में काफी बदलाव आया है। शादी में शारीरिक संतुष्टि से ज्यादा भावनात्मक पहलू मायने रखता है। लोग पहले एक दूसरे को जानने समझने तथा बॉडिंग के बाद संबंध बनाना बेहतर समझते हैं। क्योंकि ऐसा करके दोनों एक बेहतर गृहस्थी का नींव डालना चाहते हैं। ज्यादातर पार्टनर का मानना है कि शादी जीवन का एक अनोखा अनुभव है। सुहागरात के दिन एक दूसरे का विश्वास हासिल करना ज्यादा जरूरी होता है।
लेकिन वहीं कुछ लोगों का कहना है कि वे सगाई के बाद ही संबंध बना लेते हैं इसलिए उनके लिए सुहागरात विशेष मायने नहीं रखता है।
ब्राइड मैगजीन ने 1000 न्यूली वेड कपल पर सर्वे करने के बाद खुलासा किया है कि चार में से एक कपल को सुहाग रात के दिन संबंध बनाने में असफल रहते हैं। जबकि 90 प्रतिशत लोगों को शादी के पहले उम्मीद होती है कि सुहागरात के दिन अंतरंग संबंधों का आनंद ले सकेंगे। लेकिन 25 प्रतिशत लोगों को अपने इस चाहत से समझौता करना पड़ता है।
मनोवैज्ञानिकों का कहना है कि लोगों की सोच में काफी बदलाव आया है। शादी में शारीरिक संतुष्टि से ज्यादा भावनात्मक पहलू मायने रखता है। लोग पहले एक दूसरे को जानने समझने तथा बॉडिंग के बाद संबंध बनाना बेहतर समझते हैं। क्योंकि ऐसा करके दोनों एक बेहतर गृहस्थी का नींव डालना चाहते हैं। ज्यादातर पार्टनर का मानना है कि शादी जीवन का एक अनोखा अनुभव है। सुहागरात के दिन एक दूसरे का विश्वास हासिल करना ज्यादा जरूरी होता है।
लेकिन वहीं कुछ लोगों का कहना है कि वे सगाई के बाद ही संबंध बना लेते हैं इसलिए उनके लिए सुहागरात विशेष मायने नहीं रखता है।