2012 का पहला दुर्लभ महासंयोग, 28 साल बाद तीन शुभ योग एक साथ

2012 में नए साल का पहला दुर्लभ योग बन रहा है। मकर संक्रांति पर्व पर 20 घंटे के लिए महासंयोग बनेगा।

सालों बाद संक्रांति पर सर्वार्थ सिद्धि, अमृत सिद्धि एवं रवि योग का महासंयोग बनेगा।  ये तीनों योग सूर्योदय से रात 12.35 बजे तक करीब 20 घंटे रहेंगे। एक साथ ये तीनों शुभ योग होने से श्रद्धालुओं को लाभ मिलेगा।

इस शुभ पर्व पर उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र रहेगा जो कि सूर्य का ही नक्षत्र है। इस मकर संक्रांति पर सूर्य अपने नक्षत्र में रहकर ही राशि बदलेगा और मकर राशि में आ जाएगा। इस पर्व पर तीन शुभ योग और सूर्य के अपने ही नक्षत्र में होने के साथ ही रविवार भी रहेगा जो कि सूर्य देव का ही दिन रहेगा।

कब और कितनी बजे बदलेगा सूर्य-
14 जनवरी की रात को सूर्य 12:58 बजे मकर राशि में प्रवेश करेगा और 15 जनवरी की सुबह 7:14 बजे सूर्योदय से स्नान-दान के लिए पुण्यकाल शुरू होगा, जो शाम 4:58 बजे तक रहेगा।

रिकॉर्ड कीमत में बिकी किसान की भैंस, सुन अचरज में पड़ जाएंगे आप



रोहतक.सांपला .भैंसरु खुर्द में एक किसान की मुर्रा नस्ल की भैंस गुरुवार को छह लाख रुपए में बिकी है। इस भैंस को हैदराबाद के व्यापारी भास्कर दुबे ने खरीदा है।

पशु पालक उमेद सिंह ने बताया कि गांव में हुई दुग्ध प्रतियोगिता में भी 25 लीटर दूध देकर प्रथम स्थान पाया था। इससे पहले प्रदेश व इंडिया स्तर पर हुई नस्ल सुधार व दूध प्रतियोगिता में भी इनाम जीत चुकी थी। हाल में दूध निकाल कर देखा तो पांच माह के ब्यात के बाद भी 25 किलोग्राम दूध निकाला गया।

सरपंच राजू पहलवान ने बताया कि गांव के अलावा जिले भर में पहली भैंस होगी जो इतनी बड़ी कीमत पर बिकी है

क्‍या है इमरान का कूल फंडा ?

बॉलीवुड अभिनेता इमरान खान की त्‍वचा हमेशा ग्‍लो करती है। लेकिन इसका राज कोई नहीं जानता। लेकिन इन दिनों आगरा में उनकी खूबसूरत त्‍वचा का राज खुल गया। अभिनेत्री कैटरीना कैफ के साथ "मेरे ब्रदर की दुल्हन" फिल्म की शूटिंग में व्यस्त हैं। वहां पड़ रही भयंकर गर्मी से निपटने के लिए वह खूब पानी पी रहे हैं।

शूटिंग के लिए उन्‍हें काफी हेवी कपड़े पहनने पड़ रहे हैं। ऎसे में हमेशा अपने स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहने वाले इमरान खुद को पानी की कमी से बचाने के लिए दिनभर में कई ग्लास पानी पी लेते हैं। शूटिंग स्‍थल पर हर कोई उनके पानी पीने की आदत से परेशान है। लेकिन इमरान सेहत से कोई समझौता करना नहीं चाहते हैं।

आस्था पर आघात

जैसे ही इस शो की तस्वीरें बाहर आईं डिजाइनर लीजा ब्लू की इस घिनौनी हरकत का विरोध शुरू हो गया। दुनिया भर के हिंदू संगठन इसकी निंदा कर रहे हैं। वहीं डिजाइनर का कहना है कि वह गणेश जी से प्रभावित होकर ऐसा किया है।सिडनी में हुए एक फैशन शो में डिजाइनर लीजा ब्लू ने जो कलेक्शन पेश किया उसमें हिंदू देवी लक्ष्मी के चित्रों को अश्लील तरीके से इस्तेमाल किया गया था। हद तो तब हो गई जब बिकिनी, स्विम शूट और यहां तक कि जूतियों तक पर मां लक्ष्मी की तस्वीर इस्तेमाल की गई।देवी देवताओं के फोटो का उटपटांग इस्तेमाल पर कई बाद विवाद हो चुका है लेकिन सस्ती लोकप्रियता के लिए लोग आस्था को अपने फैशन का हिस्सा बनाने से नहीं चुकते। पिछले दिनोंऑस्ट्रेलिया में हुए एक फैशन शो में मॉडलों की ड्रेस ने बवाल मचा दिया है।









कुछ नहीं बस प्‍यार चाहिए

शोधकर्ताओं ने 16 से 64 वर्ष तक की आयु के 4300 पुरुषों से बात की। उन्‍होंने सर्वे में पाया कि 31 फीसदी पुरुषों का कहना था कि उन्हें ज्यादा प्यार चाहिए।उन्‍हें अपने पार्टनर से शारीरिक संतुष्टि तो मिलती है लेकिन प्‍यार नहीं मिलता । प्‍यार नहीं मिलने के कारण ही वहां के युवा किसी किसी भी रिश्ते में एक साल नहीं रह पाते हैं।35 से 44 साल के बीच के 57 फीसदी पुरुषों ने कहा कि उनके लिए प्‍यार से ज्‍यादा संबंध मायने रखता है।पुरुषों के बारे में अगर आप सोचते है कि वे सिर्फ संबंध बनाने में यकीन करते हैं तो आप गलत सोच रहे हैं। हाल ही में ऑस्ट्रेलियाई पुरुषों पर किए गए एक सर्वे में हैरान करने वाले आंकड़े सामने आए हैं।




दिन में चार बार खाने से घटती है कमर की चर्बी

तनाव के कारण भी कमर पर चर्बी जमा होने लगती है। क्‍योंकि जब आप तनाव में होते हैं तो उस समय कॉर्टीस्टोल नामक हार्मोन का स्राव होता है। यह कमर पर चर्बी बढाता है। इसलिए तनाव से दूर रहने की कोशिश करें। तनाव दूर करने के लिए सामाजिक रूप से सक्रिय रहें। दोस्‍तों से मिलें। ऑनलाइन दोस्‍त बनाएं । इससे तनाव कम होगा और आप हेल्‍दी बने रहेंगेहमारे देश का खान पान ऐसा है कि ज्‍यादातर चर्बी कमर के इर्द गिर्द जमा हो जाती है। लेकिन विशेषज्ञ लिज वेकेरियलो और सिंथिया सास ने लोगों की इस परेशानी पर शोध कर खुलासा किया है कि अपने खाने के रूटीन में थोड़ा बदलाव करके कमर पर बढ़ती चर्बी को रोक सकते हैं।

एक दिन में चार बार खाना खाएं तथा लेकिन हर खाने में 400 कैलोरी होनी चाहिए।

फल जो मुँहासे से बचाते हैं

मुँहासे से त्‍वचा की खूबसूरती सबसे ज्‍यादा प्रभावित होती है। ये उम्र के उस पड़ाव पर चेहरे पर निकल आते हैं जब खूबसूरती सबसे ज्‍यादा मायने रखती है। इसका कोई स्‍थाई इलाज नहीं है क्‍योंकि यह हार्मोंस के असंतुलन के कारण होता है। लेकिन खान पान में बदलाव करके इससे बचा जा सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि कुछ फलों का सेवन नियमित रूप से किया जाए तो त्‍वचा को मुँहासे से बचाया जा सकता है।
अंगूर यदि आपको अंगूर पसंद है तो यह आपके लिए अच्‍छी खबर है। यह आपकी त्‍वचा को मुँहासे से मुक्‍त रखता है। साथ ही यह त्‍वचा पर पड़ी मुँहासे के निशान को भी मिटाता है।
खुबानी
खुबानी में विटामिन सी और ए प्रचुर मात्रा में पाया जा‍ता है। यह आपकी निश्‍तेज त्‍वचा में जान डाल देता है। यह संवेदनशील त्‍वचा के लिए किसी दवा से कम नहीं है।


केला

केला फाइबर और विटामिन युक्‍त होता है। यह त्‍वचा को चमक प्रदान करता है। इसकी सबसे बड़ी खूबी यह है कि यह त्‍वचा को मुँहासे से बचाता है।


पपीता

आमतौर पर लोग पपीता पसंद नहीं करते हैं। लेकिन अपनी त्‍वचा से प्‍यार करते हैं तो पपीता को अपना दोस्‍त बनाएं। इसमें पाए जाने वाले एंजाइम डेड स्‍कीन को बाहर करता है और चेहरे पर चमक लाता है। इसमें विटामिन ए और सी प्रचुर मात्रा में पाया जाता है जो त्‍वचा के लिए कवच का काम करता है। इसका फेस पैक लगाने से त्‍वचा की पोर खुल जाती हैं। और ब्‍लैक हेड्स नहीं होते हैं। इससे रंग भी गोरा होता है।

मुझे कुछ याद क्‍यों न रहता ?

उम्र बढ़ने के साथ साथ यादाश्‍त कमजोर होना लाजिमी है। लेकिन उम्र का तकाजा समझकर इस ओर कम ही ध्‍यान दिया जाता है। लंबे समय से शोध कर रहे डॉक्‍टर एडम गैजले का कहना है कि बुढ़ापे में बदलते मस्तिष्‍कीय सिग्‍नल पर तुरंत प्रतिक्रिया देने की क्षमता घट जाती है।

इससे इंसान को एक काम से दूसरे काम पर ध्‍यान लगाने में दिक्‍कत आती है। इसके कारण युवाओं की तुलना में बुजुर्गों को मस्ति‍ष्‍कीय सिगनल में हो रहे बदलाव के अनुरूप खुद को ढा लने में परेशानी होती है।
 
 
बुजुर्ग वर्तमान के काम में इतना रम जाते हैं कि इससे पिछला काम प्रभावित होता है। शोधकर्ताओं का कहना है कि बुढ़ापे में एक साथ कई काम निपटाने की क्षमता खोने की एक और वजह वर्किंग मेमोरी का कमजोर पड़ना भी है।

लंबी टांगें वाली महिलाओं का दिल होता है स्‍वस्‍थ

अगर आपकी टांगें आपके धड़ से लंबी हैं तो आपके लिए खुशखबरी है। शोधकर्ताओं का कहना है कि लंबी टांगें वाली महिलाओं को ह्रदय रोग की आशंका कम होती है।

ब्रिटेन के शोधकर्ताओं ने 4000 महिलाओं पर शोधकर इस निष्‍कर्ष पर पहुंचे हैं। शोधकर्ताओं का कहना है कि महिलाओं की सामान्‍य टांगों में 4.3 सेंटीमीटर की अतिरिक्‍त लंबाई उनमें ह्रदय रोग की आशंका को 16 प्रतिशत कम करते हैं।

लेकिन जिन महिलाओं की टांगे धड़ से छोटी है

सेक्स बोरिंग कब

विवाह के कुछ  वर्ष बाद न सिर्फ जीवन में बल्कि सैक्स लाइफ में भी एकरसता आ जाती है।
कई बार कुछ दम्पती इस की तरफ से उदासीन भी हो जाते हैं और इस में कुछ नया न होने के कारण यह रूटीन जैसा भी हो जाता है। रिसर्च कहती है की दाम्पत्य जीवन को खुशहाल व तरोताजा बनाए रखने में सेक्स का महत्वपूर्ण योगदान है। लेकिन यदि यही बोरिंग हो जाए तो क्या किया जाए ?

पसंद का परफ्यूम लगाएं
अक्सर महिलाएं सेक्स के लिए तैयार होने में पुरूषों से ज्यादा समय लेती हैं और कई बार इस वजह से पति को पूरा सहयोग भी नहीं दे पाती। इसलिए यदि आज आप का मूड अच्छा है तो आप वक्त मिलाने का या बच्चों के सो जाने का इंतज़ार न करें। अपने पति के आँफिस से घर लौटने से पहले ही या सुबह आँफिस जाते समय कानों के पाचे या गले के पास उन के पसंद का कोलों, परफ्यूम लगाएं, वही खुशबू, जो वे रोज लगाते हैं। पुरुषों के परफ्यूम की महक महिलाओं की उत्तेजना बढ़ाती है और सेक्स के लिये उन का मूड बनाती है।

साइक्लिंग करें
आइक्लिंग जैसे व्यायाम करने वाले पुरुषों का ह्रदय बेहतर तरीके से काम करता है और ह्रदय व यौनांगों की धमनियों व शिराओं में रक्त के बढे हुए प्रवाह के कारण वे बेडरूम में अच्छे प्रेमी साबित होते हैं। महिलाओं पर भी साइक्लिंग का यही प्रभाव पड़ता है। तो क्यों न सप्ताह में 1 बार आप साइक्लिंग का प्रोग्राम बनाएं, हालांकि साइक्लिंग को सेक्स विज्ञानी हमेशा से शक के दायरे में रखते हैं, क्योंकि ज्यादा साइक्लिंग करने से साइकिल की सीट पर पड़ने वाले दबाव के कारण नपुंसकता हो सकती है। लेकिन कभीकभी साइक्लिंग करने वाले लोगों को ऐसी कोई समस्या नहीं पड़ती।

यौन संबंधों और सामाजिक रिश्तों को व्‍यक्‍त करता है कामसूत्र



अठारह सौ वर्ष पुराने ग्रंथ ‘कामसूत्र’ का नया संस्करण लिखने वाले भारतीय लेखक ए. एन डी.
हक्सर ने कहा है कि कामसूत्र पुरुष और महिला के बीच के यौन संबंधों और सामाजिक रिश्तों के बारे में है। इसे आधुनिक जीवन शैली को ध्‍यान में रखकर लिखा गया है। इस किताब का प्रकाशन पेंग्युइन कंपनी फरवरी में करेगी।

उन्होंने कहा कि कामसूत्र का नये तरीके से किया गया अनुवाद इस 1,800 वर्ष पुराने ग्रंथ को पाठकों की सूची में फिर से शामिल कर देगा। अगर इस किताब को ईमानदारी से पढ़ा जाए, तो आपको मालूम चलेगा कि यह पुरुषों और महिलाओं के बीच के यौन और सामाजिक संबंधों के बारे में है।

इस ग्रंथ में सिर्फ यौन संबंधों का जिक्र नहीं है बल्कि इसमें सामाजिक रिश्‍तों पर भी चर्चा की गई है। मूल कामसूत्र में कोई चित्र या ग्राफिक्स नहीं है।. उसमें सिर्फ शब्द हैं। हक्सर का कहना है कि वात्स्यायन ने इस ग्रंथ के जरिये पूर्ण एकाग्रचित्त के साथ जीवन जीने के बारे में बताया. यह सही भी है और इसमें कोई मजाक नहीं है।

हक्सर की ‘कामसूत्र: ए गाइड टू द आर्ट ऑफ प्लेजर’ कोई मिथक तोड़ने के लिए नहीं नहीं लिखा गया है। इसे लिखने में दो साल से भी ज्‍यादा समय लगा है। काफी गहन अध्‍ययन के बाद इसे आज के अंग्रेजी पाठकों के समक्ष संस्कृत साहित्य के उन पहलुओं को रखा जा सके जिनके बारे में उन्‍हें अब तक जानकारी नहीं है।

सूनी रह जाती है सुहागरात की सेज

युवा लड़के लड़कियां शादी से ज्‍यादा सुहागरात के लिए रोमांचित रहते हैं लेकिन ऑस्‍ट्रेलिया के
शोधकर्ताओं ने सर्वे में खुलासा किया है कि सुहाग रात पहले की तरह रोमांटिक नहीं रहा। लोग इस दिन सेक्‍स करने से बेहतर एक दूसरे का विश्‍वास हासिल करना चाहते हैं। इसके लिए वे एक दूसरे से खुलकर बातें करते हैं ताकि दोनों एक दूसरे को समझ सकें।
ब्राइड मैगजीन ने 1000 न्‍यूली वेड कपल पर सर्वे करने के बाद खुलासा किया है कि चार में से एक कपल को सुहाग रात के दिन संबंध बनाने में असफल रहते हैं। जबकि 90 प्रतिशत लोगों को शादी के पहले उम्‍मीद होती है कि सुहागरात के दिन अंतरंग संबंधों का आनंद ले सकेंगे। लेकिन 25 प्रतिशत लोगों को अपने इस चाहत से समझौता करना पड़ता है।

मनोवैज्ञानिकों का कहना है कि लोगों की सोच में काफी बदलाव आया है। शादी में शारीरिक संतुष्टि से ज्‍यादा भावनात्‍मक पहलू मायने रखता है। लोग पहले एक दूसरे को जानने समझने तथा बॉडिंग के बाद संबंध बनाना बेहतर समझते हैं। क्‍योंकि ऐसा करके दोनों एक बेहतर गृहस्‍थी का नींव डालना चाहते हैं। ज्‍यादातर पार्टनर का मानना है कि शादी जीवन का एक अनोखा अनुभव है। सुहागरात के दिन एक दूसरे का विश्‍वास हासिल करना ज्‍यादा जरूरी होता है।

लेकिन वहीं कुछ लोगों का कहना है कि वे सगाई के बाद ही संबंध बना लेते हैं इसलिए उनके लिए सुहागरात विशेष मायने नहीं रखता है।

पति पर कम बॉस पर ज्‍यादा मेहरबान रहती हैं महिलाएं

यूं तो महिलाएं अपने जीवन में पति को ज्‍यादा महत्‍व देती हैं लेकिन लंदन की महिलाएं की सोच
बिल्‍कुल अलग है। हाल ही में हुए साक्षात्‍कार में पाया गया है कि महिलाएं अपने सहयोगियों और पति के बजाय बॉस को ज्यादा तरजीह देती हैं। यही नहीं बॉस के लिए उपहार भी ज्‍यादा खरीदती हैं। शोध संस्थान पीकॉक्स के मार्केटिंग निदेशक लिसा बांड का कहना है कि शोध में यह बात सामने आई है कि महिलाएं अपने पति की अपेक्षा अपने प्रिय दोस्तों को पार्टी देना ज्यादा पसंद करती हैं।

इसके अलावा महिलाएं अपनी कमाई का कम से कम 15 फीसदी हिस्सा कप़डे, सौंदर्य प्रसाधन और छुटि्टयों पर खर्च करती हैं। दो तिहाई हिस्सा अपने बच्चों पर तथा 10 प्रतिशत आय अपने बॉस के लिए उपहार खरीदने पर खर्च करती हैं। वे अपने पति या अपने पुरूष मित्र मात्र 1 प्रतिशत खर्च करती हैं।

क्‍योंकि उनके लिए पति से ज्‍यादा करियर मायने रखने लगा है।

85% महिलाएं गलत साइज का ब्रा पहनती हैं



ब्रा महिलाओं को सिर्फ बाहरी खूबसूरती ही नहीं देता बल्कि उन्‍हें शरीर को सही आकार भी देता है।
लेकिन महिलाएं ब्रा को एक आम कपड़ों की तरह पहनती हैं। पैसे की बचत के लिए सस्‍ते ब्रा पहनना पसंद करती हैं।

ज‍बकि फैशन विशेषज्ञों का कहना है कि अगर ब्रा शरीर के अनुरूप पहनते हैं तो बाहर से भी शरीर आकर्षक लगता है।

क्‍वीन एलीजाबेथ II की ब्रा मेकर का कहना है कि अभी भी दुनिया में 85 प्रतिशत महिलाएं गलत साइज का ब्रा पहनती हैं। क्‍योंकि ब्रा खरीदने के बाद वे ट्रायल नहीं लेती। कुछ महिलाएं संकोचवश तो कुछ जानकारी के आभाव में ऐसा करती हैं।

केंट्रॉन का कहना है कि 1960 से वह एलीजाबेथ के लिए इनरवियर डिजाइन कर रही हैं। क्‍वीन एलिजाबेथ कपड़ों के मामलों में हमेशा परफेक्‍ट रही हैं। पार्टी वियर के रूप में म‍हारानी को इवनिंग गाउन बहुत पसंद है।

पापा से अच्‍छी मां है


महिलाओं के बारे में धारणा बना ली गई है कि वे बेहतर ड्राइवर नहीं होती हैं। लेकिन सदियों पुरानी
धारणा को एक नये सर्वेक्षण ने झुठला दिया है। द बजट कार द्वारा कराए गये इस सर्वेक्षण में बच्चों ने बताया है कि उनकी माताएं उनके पिताओं के मुकाबले बेहतर चालक हैं।
बच्‍चों का कहना है कि मां सिर्फ बेहतर कार ही नहीं चलाती बल्कि कार में उनका मनोरंजन का भी ख्‍याल रखती हैं। सर्वे में 10 में से चार बच्चों ने कहा कि वे मां के साथ स्‍कूल जाने में ज्‍यादा सुरक्षित महसूस करते हैं। इसलिए वे मां के साथ ही यात्रा करना पसंद करते हैं।



सर्वे में शामिल 1 हजार बच्‍चों में 37 प्रतिशत बच्‍चों ने कहा कि मां उनका मनोरंजन करने के लिए उनकी पसंद के गाने बजाती हैं। वहीं 26 प्रतिशत ने कहा कि मां उनके साथ खेलती है और 24 प्रतिशत ने कहा कि मां उन्‍हें चुटकुले और कहानियां सुनाती हैं।

शर्म छोड़ने को आतुर है पूनम


पिछले दिनों पूनम के बारे में कहा गया था कि पूनम पांडे अंडरग्राउंड हो गई हैं लेकिन उन्‍होंने पिछले दिनों फेसबुक और टि्वटर पर लिखा है, "मैं अब भी अपनी बात पर कायम हूं। मैं सुरक्षित हूं और भारत की जीत के बाद खुशी से पागल हूं। मेरे पास अपनी खुशी का इजहार करने के लिए शब्द नहीं है।

लेकिन जहां तक लोगों के सवालों की बात है तो आप बीसीसीआई की ओर से तीन दिन पहले मुझे लिखे गए पत्र को देखें।

हालांकि मैं अब भी अपनी बात पर कायम हूं। मैं कहीं भी और कभी अपना वादा पूरा करने को तैयार हूं।

कई शोध और रिसर्च इस बात के गवाह हैं कि इस तरह के प्रदर्शन खिलाडि़यों का हौसला बढ़ाने में मददगार है।

पिछले कुछ दिन से पूनम को इंटरनेट पर तलाशने वालों की संख्या में बाढ़ ही आ गई थी। पूनम के फेसबुक एकांउट पर कई लोगों ने पूछा है कि पूनम कहां हैं।





एक ने लिखा है कि पूनम ने प्रचार के लिए अच्छा स्टंट किया है। इसके पहले बहुत सी मॉडल लाइम लाइट में बने रहने के लिए ऐसा करती रही हैं। जैसे प्रीति कपूर ने मधुर भंडारकर पर रेप का इल्‍जाम लगाकर खबरों में बनी रहीं वहीं जानवी कपूर ने अभिषेक बच्‍चन की पत्‍नी बनने का दावा कर लाइम लाइट में आ गई थी।

एक दो नहीं छह शादी करेगी प्रियंका

फिल्म '7 खून माफ' से चर्चा में आई प्रियंका फिल्‍म से इस कदर प्रभावित हैं कि वह वास्‍तविक जीवन में भी छह बार शादी करना चाहती हैं।

प्रियंका ने फैशन पत्रिका 'हार्पर्स बाजार' के नए संस्करण में यह खुलासा किया है कि मैं काफी पहले से अपने विवाह की योजना बना रही हूं। मैं आदर्श रूप में छह बार विवाह करना चाहती हूं। लेकिन राज की बात यह है कि छह विवाह वह एक ही व्यक्ति से अलग अलग जगहों पर करेंगी।

इन छह शादियों के लिए छह अलग स्थानों का चयन कर ली हैं।वह कहती हैं कि अम्बाला स्थित मेरे दादाजी के घर में बड़ा सा भारतीय विवाह होगा। ऑस्ट्रेलिया में ग्रेट ब्रिटेन रीफ पर पानी के नीचे विवाह होगा। लास वेगस के एक गिरजाघर में काले रंग की पोशाक में, स्विटजरलैंड के लोकार्नो के खूबसूरत गिरजाघर में भी एक विवाह होगा।

ये सारी जगहें ऊंचाई पर हैं और यहां से जर्मनी, इटली और स्विटजरलैंड के खूबसूरत नजारे देखे जा सकते हैं। उनके निकाह में केवल नजदीकी पारिवारिक सदस्य और दोस्त ही मौजूद होंगे।

कपड़े भी देते हैं गलत सिग्‍नल

बॉलीवुड एक्‍ट्रेस सलीना जेटली अपने पहनावे को लेक‍र काफी जागरूक है। फिल्‍मी पार्टी हो या पर्सनल पार्टी हमेशा खुद को इस तरह से कैरी करती है कि चर्चा का विषय बन जाती हैं। पिछले दिनों उन्‍होंने महिलाओं को फैशन संबंधी कुछ सलाह दी हैं जो इस प्रकार है।

• कहीं जाने के लिए तैयार होने से पहले खुद को मिरर में देखें और अपना कॉफिडेंस लेवल बढ़ाएं।

• शादी की पार्टी में कभी भी स्किन टाइट शॉट ड्रेस न पहनें। यह गलत संदेश देते हैं।

• यदि आप बहुत गोरी हैं तो अपने बालों को ब्लीच न करें। भारतीय रंग के साथ वाइन, रेड और ब्‍लू ब्‍लैक जैसे हेयर कलर जंचते हैं।

• कभी भी सस्‍ते नेल पॉलिश न लगाएं। ये आपकी पर्सनालिटी पर बुरा असर डालते हैं।

• डार्क लिप कलर के साथ कभी भी हेवी आई मेकअप न करें। यदि आप हेवी आई मेकअप करना चाहती हैं तो न्‍यूड लिप कलर इस्‍तेमाल करें। इससे मेकअप में संतु‍लन बना रहेगा।

• सिर से पाँव तक एक ही रंग के कपड़े न पहनें। मिक्‍स और मैच करके पहनें। यह बेहतर लुक देता है।

• कभी भी ज्‍यादा ऐसेसरीज न पहनें।

• सही साइज का ब्रांडेड ब्रा पहनें। यह अच्‍छा लुक देता है। सस्‍ते ब्रा लापरवाह व्यक्तित्व को प्रतिबिंबित करता है।

• ये तीन चीजें तेज परफ्यूम, ज्‍यादा मेकअप और ज्‍यादा ऐसेसरीज से हमेशा दूर रहे।

• खुद को रेस्‍पेक्‍ट करें। जिस कपड़े को पहनकर आप आरामदेह महसूस करते हैं। हमेशा वैसे ही कपड़ों का चुनाव करें। क्‍योंकि कपड़े भी गलत संदेश देते हैं।

क्या मोटाबा आड़े आता है यौन आनंद के!

मोटे, या फिर कहें अत्यधिक मोटापे के शिकार पुरुषों एवं महिलाओं को समाज में शारीरिक, भावनात्मक एवं मानसिक परेशानियों से तो गुजरना पड़ता ही है, साथ ही इससे उनका सेक्स जीवन भी प्रभावित होता है। वैवाहिक जीवन की सफ़लता और यौनतुष्टि के बीच गहरा रिश्ता है। हाल ही में किये गये एक सर्वेक्षण के अनुसार- भारत में तलाक के मामलों में से 50 प्रतिशत के पीछे यौनतुष्टि का अभाव मुख्य कारण रहता है। यौन संबंध विफल हो जाने या पूर्णरूपेण संतुष्टि ना होने के पीछे कार्यरत मुख्य कारणों में किसी एक साथी का मोटापा भी एक कारण हो सकता है।
यौन क्रिया एवं आनंद में मोटापा तीन स्तरों पर बाधक रहता है- शारीरिक, भावनात्मक तथा मानसिक। शारीरिक तौर पर देखा जाये तो मोटे या थुलथुल शरीर के प्रति मन में आकर्षण उत्पन्न नहीं होता, जिससे कामवासना या कामेच्छा भी जागृत नहीं होती। आलसी, बेडौल और हद से ज्यादा मोटे व्यक्ति को अच्छे और हंसमुख व्यवहार के बावजूद लोग पसंद नहीं करते। इस पर मोटे व्यक्ति तन्हा रह जाते हैं और उनमें अपने अनाकर्षक और बेडौल शरीर को लेकर शर्मिंदगी और हीन भावना घर कर जाती है। इसी अहसास के चलते और अपने अनाकर्षक शरीर के कारण, वे अपने साथी की कामेच्छा जगाने में सफल नहीं हो पाते तथा ऐसी भावनाओं के कारण वे स्वयं भी कामोत्तेजित नहीं हो पाते। ऐसे में उनके साथी के लिए सेक्स लाइफ एक भयानक अनुभव और परेशानी का सबब बन कर रह जाती है।
इसके अतिरिक्त मोटापा यौन क्रिया के दौरान विभिन्न प्रकार की पीड़ाओं- कमर दर्द, जोड़ों का दर्द तथा कमज़ोरी इत्यादि- के रूप में भी बाधक बनता है। मोटे व्यक्ति की गतिविधियाँ और क्रियाकलाप भी धीमे रहते हैं तथा वह यौनक्रिया के दौरान शीघ्र थकान महसूस करने लगता है। अगर पुरुष और महिला दोनों ही मोटापे का शिकार हों तो वे सेक्स का पूर्ण आनंद उठाने से वंचित रहते हैं। विशेष तौर पर अत्यधिक मोटे पुरुष टेस्टोस्टेरोन की कमी के चलते सहवास के दौरान विफल रह जाते हैं। इतना ही नहीं, हद से ज्यादा मोटे पुरुषों में नारीयोचित प्रणाली सक्रिय हो जाती है। उनमें वसायुक्त उत्तकों के हार्मोंस महिलाओं में पाये जाने वाले हार्मोन एस्ट्रोजेन में परिवर्तित हो जाते हैं। ऐसे पुरुषों में कामेच्छा में कमी रहना लाजमी है।
मोटे पुरुषों की परेशानी मोटी महिलाओं की परेशानी से नितांत भिन्न होती है। थुलथुल महिलाएँ अपने शरीर की बेडौलता से उत्पन्न शर्मिंदगी और हीन भावना के चलते बेशक यौन क्रिया के समय पूरा आनंद नहीं उठा पातीं या फिर इसी अहसास के चलते उनमें कामोत्तेजना भी मुश्किल से होती है, फिर भी वे यौन क्रिया में सहयोग करती हैं, जबकि मोटे पुरुषों में चाहे शरीर की बेडौलता को लेकर शर्मिंदगी नहीं होती किंतु मोटापा उनकी कामोत्तेजना के आड़े आता है और स्खलन भी शीघ्र होता है- कहना है एक सेक्स क्लिनिक के डायरेक्टर तथा साइकेट्रिक यूनिट के डिप्टी डायरेक्टर डॉ. यिझाक बेन जिऑन का।
इसके अतिरिक्त मोटे लोगों में उच्च रक्तचाप, मधुमेह, खून में ट्रिग्लीसेराड्स की मात्रा अधिक होना, अच्छे कोलेस्ट्रोल की मात्रा कम तथा खराब कोलेस्ट्रोल की मात्रा अधिक होना, सांस फूलना तथा मादा हार्मोंस की अधिकता के चलते रक्त-शिराएँ अवरुद्ध हो जाना इत्यादि कामोत्तेजना और यौन आनंद के दुश्मन साबित होते हैं। इसका प्रभाव उनके परस्पर रिश्ते पर पड़ना स्वाभाविक ही है। वेट कंट्रोल विशेषज्ञ प्रोफेसर एलेक्जेंडर पोलास्की कहते हैं कि कामोत्तेजना और कामेच्छा में कमी के चलते मोटे व्यक्तियों को भावनात्मक स्तर पर यह अहसास भी सताता रहता है कि उनका साथी पूर्ण यौन आनंद नहीं उठा पा रहा है, जिससे उनमें शर्मिंदगी घर कर जाती है।

सेक्‍सी फिगर के लिए रोज पिएं दूध

वजन घटाने के लिए अब ज्‍यादा कवायत करने की जरूरत नहीं है। रोज दो ग्‍लास दूध का सेवन कर वजन घटाया जा सकता है। अमेरिकन जर्नल ऑफ क्लीनिकल न्यूट्रीशन ने हाल में खुलासा किया है कि दूध का नियमित रूप से सेवन कर वजन घटाया जा सकता है।
रिपोर्ट में यह भी पाया गया है कि दूध का नियमित सेवन करने वाले दूध से दूर रहने वाले लोगों की तुलना में मोटापा कम करने में अधिक कामयाब होते हैं।

इजरायल स्थित नेगेव की बेन-गुरियन यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने पाया कि जिन लोगों ने रोजाना दो गिलास दूध का सेवन किया। उनके शरीर में छह महीने के अंदर विटामिन डी का उच्च मात्रा पाई गई। ये लोग 2 साल के अंदर 6 किलो वजन कम करने में कामयाब रहे। दो सालों तक शोध करने के बाद शोधकर्ता इस नतीजे पर पहुंचे हैं।

बढ़ी हुई तोंद बना सकता अंधा


अगर आपकी तोंद और कमर की चर्बी बढ़ रही है तो वर्क आउट करना शुरू कर दीजिए क्‍योंकि अध्ययन में पता चला है कि उम्र के साथ कमर पर चर्बी बढना आंखों की रोशनी के लिए खतरनाक हो सकता है।

मेलबर्न विश्वविद्यालय के दल ने 21,000 पुरूषों और महिलाओं की कमर के आकार में आए बदलावों का अध्ययन किया। अध्ययन में पता चला कि पेट के आकार में बढोतरी एज रिलेटेड मस्कूलर रीजनरेशन के खतरे को बढाता है। इसका असर आई मसल्‍स पर पड़ता है।

जहां महिलाओं के आंखों की रोशनी एस्ट्रोजन हार्मोन से प्रभावित होती है वहीं पुरुषों की आंखो की रोशनी उनके तोंद से प्रभावित होती है।

वाकई, दिल टूटने पर होता है दर्द

टूटे  दिल का दर्द सिर्फ प्रेमी ही समझते हैं लेकिन अब वैज्ञानिकों ने भी इस बात की पुष्टि की है कि टूटा हुआ दिल वास्तव में दर्द देता है।
'डेली मेल' की रिपोर्ट के मुताबिक मिशिगन विश्वविद्यालय के इथान क्रॉस के नेतृत्व में एक अंतरराष्ट्रीय दल ने एक अध्ययन कराया और पाया कि दिल टूटने से हुई वेदना शारीरिक पीड़ा की तुलना में ‘ज्यादा नुकसान’ पहुंचाती है।

अध्ययन में पाया गया कि प्रेमी द्वारा छोड़ दिये जाने पर मस्तिष्क का वह हिस्सा सक्रिय हो जाता है, जो आमतौर पर शारीरिक दर्द के समय काम करता है।
अध्ययन में हाल ही में ऐसे 40 लोगों को शामिल किया गया, जिनका प्रेम संबंध टूट गया था। इन सभी ने कहा कि उनका बहुत बुरा अनुभव रहा।

फिलहाल इस फाइबर का इस्‍तेमाल बुलेटप्रूफ जैकेट और सैन्य साजो-सामान बनाने में किया जाता है। लेकिन भविष्य में कारों के कई हिस्से को बनाने में फलों से बने इन फाइबर का इस्‍तेमाल किया जाएगा। सके।

एक स्‍पर्श काफी है

प्‍यार में भावनाओं का आदान प्रदान ही नहीं बल्कि स्‍पर्श भी मायने रखता है। हाल ही में अमेरिका में हुए शोध में पाया गया है कि कोई भी महिला या लडकी किसी पुरूष को अगर प्यार से छू ले तो पुरूषों का सारा दर्द गायब हो जाता है।

 साथ ही यह भी पाया गया है कि अगर पुरुष परेशानियों से जूझ रहा हो इस दौरान अगर महिला प्‍यार से पुरुष के पीठ का स्‍पर्श करे तो उसे सूकून मिलता है। तनाव कुछ कम हो जाता है। वह दुगनी साहस के साथ संहर्ष से मुकाबला करने के लिए तैयार हो जाता है।

 शोधकर्ताओं का कहना है कि महिलाओं के स्पर्श में वह जादू है जो दवा का काम करता है। महिलाओं के स्‍पर्श मात्र से पुरूष खुद को सुरक्षित महसूस करने लगते हैं और कोई भी खतरा मोल लेने को तैयार हो जाते हैं।